Tuesday, February 24, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. आवारा कुत्ते के काटने के बाद युवक ने लगाई फांसी, बैंक में सीनियर पोस्ट में काम करता था

आवारा कुत्ते के काटने के बाद युवक ने लगाई फांसी, बैंक में सीनियर पोस्ट में काम करता था

Edited By: Shakti Singh Published : Feb 23, 2026 11:57 pm IST, Updated : Feb 23, 2026 11:57 pm IST

मृतक युवक को कई दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। उसने इंजेक्शन लगवाया था। हालांकि, कोर्स पूरा नहीं किया था। ऐसे में उसके अंदर रेबीज के लक्षण दिखे लगे थे।

Accused- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT मृतक युवक

महाराष्ट्र के कल्याण से एक बेहद चौकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने कुत्ते के काटने के बाद आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवक को रेबीज होने का डर था। इस वजह से उसने यह कदम उठाया। मृतक एक बैंक में सीनियर पोस्ट पर काम करता था। युवक ने आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज होने के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस युवक का नाम ऐस विश्वनाथ अमीन है। ऐस की आत्महत्या से हड़कंप मच गया है।

कल्याण ईस्ट के तिसगांव नाका इलाके में एक सहजीवन सोसायटी है। इस सोसायटी में रहने वाला एक युवक ऐस विश्वनाथ अमीन रहता था। वह एक बैंक में सीनियर पोस्ट पर काम करता था। कुछ दिन पहले ऐस के पैर में एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। ऐस ने रेबीज का इंजेक्शन लगवाया था। डॉक्टर का कहना है कि उसने दवाई का कोर्स पूरा नहीं किया था। वह कुछ समय से परेशान था। उसे लगा कि उसे रेबीज हो जाएगा। 

मृतक में दिखने लगे थे रेबीज के लक्षण

मृतक युवक में रेबीज के लक्षण दिखने लगे थे। आवारा कुत्ते के काटने के बाद घर के लोगों को परेशानी होने के डर से उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में शिवसेना शिंदे ग्रुप के पार्षद महेश गायकवाड़ ने नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हर्षल गायकवाड़ से मुलाकात की और उनसे आवारा कुत्तों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में शामिल है रेबीज

रेबीज दुनिया की सबसे खतरनाक और घातक बीमारियों में से एक मानी जाती है। इसका मुख्य कारण यह है कि एक बार इसके लक्षण दिखाई देने के बाद यह लगभग 100% जानलेवा होती है। रेबीज वायरस काटने वाली जगह से नसों के रास्ते धीरे-धीरे रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क तक पहुंचता है। वहां पहुंचकर यह दिमाग में सूजन पैदा करता है। दिमाग को नुकसान पहुंचने से व्यक्ति की सोच, व्यवहार, सांस लेने की क्षमता सब प्रभावित होती है। वायरस काटने के बाद 1 हफ्ते से लेकर कई महीनों (कभी-कभी 1 साल तक) तक छिपा रह सकता है। इस दौरान कोई लक्षण नहीं दिखते, इसलिए लोग गंभीरता नहीं समझते। लेकिन जैसे ही लक्षण शुरू होते हैं, तब तक वायरस दिमाग में बहुत फैल चुका होता है।

यह भी पढ़ें-

रांची से दिल्ली आ रही एयर एंबुलेंस क्रैश, 7 लोग थे सवार, जानें कहां हुई दुर्घटना

तमिलनाडु में वोटर लिस्ट से 74 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए, चुनाव से पहले अंतिम वोटर लिस्ट जारी

 

 

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement